कैसे रहें खुश ?

जीवन के  सारे कार्य व्यापार का उद्देश्य खुश रहना है। यदि जिन्दगी में खुशी नहीं है तो सब कुछ बेकार है।   मनुष्य की सबसे महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं को खुश रखने की है। खुश रहना जीवन का बुनियादी पहलू है। संसार में प्रत्येक मनुष्य खुश रहना चाहता है लेकिन अक्सर देखा गया है कि लोग खुशी को भूलकर चिंता और तनाव के शिकार हो रहे हैं। इन चिंताओं और तनावों से लड़ते हुए इनका शिकार होने की बजाय इनसे निपटने  के बारे में विचार विमर्श करना चाहिए, तो आइए आज हम इस विषय पर कुछ महत्त्वपूर्ण बातें जानें।

चेहरे पर सदैव मुस्कान रखें :  खुश रहने के लिए सदैव अपने चेहरे पर मुस्कान रखनी चाहिए, परिस्थिति चाहें अच्छी हो या बुरी उसका मुस्कराते हुए सामना करना चाहिए। मुस्कराते रहने से मुश्किल से मुश्किल समय में भी हिम्मत मिलती है और मुश्किल काम भी आसान लगने लगता है।

व्यक्ति चाहें छोटा या बड़ा उसके अच्छे गुणों से प्रेरणा लें: ऐसे व्यक्ति से प्रेरणा लेनी चाहिए जिसका काम आपको पसंद आ जाए। अखबार व मैग्जीन के अतिरिक्त किताबें पढ़ने की आदत डालें। प्रत्येक मनुष्य के भीतर कुछ अच्छी व बुरी दोनों प्रकार की आदतें विद्यमान होती है, महत्त्वपूर्ण बात यह है कि आप किस आदत की ओर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं। हर व्यक्ति की अच्छी आदतें सीखने और आत्मसात करने का प्रयास करना चाहिए। 

तनावमुक्त रहें: घर हो या ऑफिस पूरे दिन में बहुत से ऐसे कारण होते हैं जिनसे हम तनाव में आ जाते हैं। स्वस्थ रहने के लिए सबसे आवश्यक है कि इस तनाव को अपने जीवन से निकाल फेंके और तुरंत ही हर चीज पर नियंत्रण पाने की कोशिश करें।

सकारात्मक लोगों के संपर्क में रहें:  ऐसे लोगों के संपर्क में रहें जिनकी सोच सकारात्मक हो। यदि आपके आस-पास कुछ ऐसे लोग हैं जिनकी सोच नकारात्मक है तो कोशिश करें कि उनकी सोच का अपने ऊपर तनिक भी प्रभाव न पड़ने दें। 

ध्यान बाटें: उन बातों पर बिलकुल भी गौर न करें जिनको सोचकर आपको सबसे अधिक परेशानी होती है। केवल उन बातों और उन यादों को याद करें जिनको सोचकर आपको खुशी का अनुभव होता हो। स्वयं के ऊपर विश्वास रखें क्योंकि अकसर देखा जाता है कि हम दूसरों से बहुत अधिक उम्मीदें लगा लेते हैं और जब वे हमारी उम्मीदों के विपरीत व्यवहार करते हैं, तो हमें दुख पहुँचता है। अतः दूसरों से अपेक्षाएं रखने की बजाय स्वयं पर विश्वास रखें और वह सोचें और करें जिसमें आपको सुख की अनुभूति हो।

जितना है उतने में संतुष्ट रहें:  ईश्वर ने आपको जितना दिया है उतने में संतुष्टि रखें। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि इस संसार में कुछ ऐसे भी लोग है जिनके पास आप जितना भी नहीं है, लेकिन फिर भी वह जितना है उसी में खुश रहते हैं और ईश्वर से शुक्राना करते हैं। 

इसके अतिरिक्त भी कुछ ऐसे सकारात्मक पहलू हैं जिनके कारण हम खुशी का अनुभव कर सकते हैं।

आइए, ऐसे ही कुछ सकारात्मक पहलुओं पर दृष्टि डालें-

  • प्रत्येक दिन की शुरुआत एक नई उम्मीद के साथ करें।
  • किसी भी कार्य को करने से पहले उसके लिए एक योजना तैयार करें और उसकी प्राथमिकता तय करें।
  • अपने मिलने-जुलने वाले सभी लोगों को उपहार दें। आपका उपहार आपकी मुस्कान, धन्यवाद या प्रोत्साहन का एक शब्द, विनम्रता का भाव हो सकता है।
  • पक्षपातपूण बातचीत से दूरी बनाकर रखें क्योंकि पक्षपात का व्यवहार हमारी सोच को छोटा और घटिया बना देता है।
  • यह विश्वास करें कि लोगों के इरादे अच्छे हैं क्योंकि यदि आप प्रत्येक मनुष्य को शक की नजर से देखेंगे तो कभी भी किसी मनुष्य पर विश्वास नहीं कर पाएंगे और अकेले रह जाएंगे।
  • अपनी पसंद वाले भोजन को धीरे-धीरे तसल्ली से, स्वाद व आनंद के साथ खाएं।
  • कोई भी कार्य करने से पहले उसके परिणाम की चिंता न करें। केवल कार्य को करने से पहले उसको उत्तम तरीके से करने पर विचार करें। 
  • रात को सोने से पहले ईश्वर से धन्यवाद करें कि ये दिन दिखाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और अगले दिन की बेहतरी के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें।
  • अपने क्रोध पर काबू रखें।
  • अपने जीवन में उत्साह लाने के लिए अपने कार्य को रचनात्मक बनायें।
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