हिंदी साहित्य की अवश्य पठनीय पुस्तकें

हिंदी साहित्य अत्यंत समृद्ध है. इसमें एक से बढ़कर एक ग्रन्थ उपलब्ध हैं. वैसे तो साहित्य जितना पढ़ें उतना कम है पर फिर भी कुछ पुस्तकें पढ़कर आप हिंदी साहित्य को समझ सकते हैं. आइए, हिंदी साहित्य के कुछ  महान ग्रंथों के बारे में जानते हैं.

1.     गोदान : हिंदी कहानी के पुरोधा और उपन्यास-सम्राट  मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखा यह उपन्यास हिंदी साहित्य का अमर उपन्यास है. ग्रामीण पृष्ठभूमि पर लिखा गया यह उपन्यास ग्रामीण परिवेश का जीवंत विवरण प्रदान करता है.   यह ग्रामीण परिवेश में निम्न जाति के शोषण को मार्मिक रूप से व्यक्त करता है.

2.     चंद्रकांता : बाबु देवाकैनंदन खत्री द्वारा लिखित यह उपन्यास अपने ज़माने में बहुत लोकप्रिय रहा है.  इस उपन्यास पर हिंदी में धारावाहिक भी बन चुका है. कहा जाता है इस उपन्यास को पढने के लिए लोगों ने हिंदी सीखी थी. यह दो प्रतिद्वंदी राजघरानों के प्रेमियों की कहानी हैं.  रोमांटिक फंतासी  वाला यह उपन्यास विजयगढ़ की राजकुमारी चंद्रकांता तथा नौगढ़ के राजकुमार वीरेंदर सिंह की प्रेम कहानी पर आधारित है.

3.     गुनाहों  को देवता :  इसके रचियता हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार धर्मवीर भारती हैं. उपन्यास उत्तरी उतर प्रदेश के एक  शहर लल्नपुर पर आधारित है जहाँ रोज अपराध  की घटनाएं होना आम बात है.

4.     तमस : महान लेखक भीष्म साहनी द्वारा लिखा गया यह उपन्यास भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि  पर लिखा गया है.

5.     कामायनी : महान छायावादी कवि जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखा गया यह काव्य ग्रन्थ पृथ्वी  पर प्रथम मानव  के आगमन की कहानी पर आधारित है.

नीचे जल था‚ ऊपर हिम था‚
एक तरल था‚ एक सघन;
एक तत्व की ही प्रधानता‚
कहो उसे जड़ या चेतन।

प्रसाद प्रकति व मन के कवि है.

6.     मधुशाला : यह हिंदी का लोकप्रिय काव्य ग्रन्थ है.  यह हिंदी साहित्य के नव रोमांसवाद की अग्रणी पुस्तक है.

मदिरालय जाने को घर से चलता है पीनेवाला,
‘किस पथ से जाऊँ?’ असमंजस में है वह भोलाभाला,
अलग-अलग पथ बतलाते सब पर मैं यह बतलाता हूँ –
‘राह पकड़ तू एक चला चल, पा जाएगा मधुशाला

काव्य का नायक मतवाला होकर मदिरालय जाता है. वास्तव में इस काव्य संग्रह की रुबाइयां काव्य प्रेमियों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं.

7. मैला आँचल : यह फणीश्वर नाथ रेनू द्वारा लिखा गया क्षेत्रीय उपन्यास है.  यह जहाँ क्षेत्रीय विविधिता को दर्शाता  वहीं पात्रों के पारस्परिक संबंधों को भी व्यापक रूप से दर्शाता है.

8. काशी का अस्सी : प्रख्यात साहित्यकार काशी नाथ सिंह द्वारा लिखा यह उपन्यास भारतीय  संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को दर्सहत है .यह उस शहर की यथार्थ  कहानी है जहाँ वार्तालाप कैफ़े में नहीं बल्कि घाटों पर होता है. साधारण पात्रों द्वारा असाधारण संवाद, विभिन्न सामाजिक अंतर्विरोधों का चित्रण, इस उपन्यास की विशेषता है. यह उपन्यास मंडल कमीशन एवं , रामजनम भूमि मुद्दों को भी  छूता है .

9.     कितने पाकिस्तान : कमलेश्वर द्वारा लिखा यह उपन्यास साहित्य के क्षेत्र में मील का पत्थर माना  जाता है. जीवन के आखिरी दिनों में लिखा गया उपन्यास समाज, राजनीति और मजहबों के विभिन्न आयामों को व्यक्त करता हा. इस उपन्यास के लिए लेखक को साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हो चूका है.

10.    राग दरबारी : हिंदी के यशस्वी व्यंग्यकार श्रीलाल शुक्ल द्वारा लिखा यह उपन्यास स्वंतत्रता के पश्चात जीवन मूल्यों में आई गिरावट को दर्शाता है. यह अपराधियों, व्यापारियों, पुलिस एवं नेताओं की मिलीभगत को व्यंग्यात्मक रूप में चित्रित करता है.

11.    आवारा मसीहा : यह हिन्दी के ख्यातिलब्ध लेखक विष्णु प्रभाकर द्वारा लिखी गई जीवनी है. यह बांग्ला के साहित्यकार शरद चन्द्र चटर्जी की जीवनी पर आधारित है. हिंदी साहित्य की अग्रणी जीवनियों में आवारा मशीहा का विशिष्ठ स्थान है. विष्णु प्रभाकर ने इस जीवनी को लिखने हेतु न सिर्फ बांग्ला भाषा सीखी वरन वे उन स्थानों पर भी गए जहाँ शरद चन्द्र रहते थे.

हिंदी साहित्य का भंडार अत्यंत समृद्ध है, उपरोक्त पुस्तकों के अतरिक्त हिंदी साहित्य की  अन्य पठनीय पुस्तकें निम्नलिखित हैं :

त्यागपत्र , शेखर : एक जीवनी, बूंद और समुद्र, झूठा सच, आधा गाँव, रामचरितमानस, साकेत, इत्यादि,

इसी तरह हिंदी की प्रमुख कहानियां हैं : उसने कहा था, आकाशदीप, चीफ की दावत, तीसरी कसम,कफ़न – ,पूस की रात,  आकाशदीप, शरणदाता , चीफ की दावत, तीसरी कसम  आदि.

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